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शिव पार्वती का झगड़ा

पार्वती देवी ने तपस्या कर शंकर को प्रसन्न किया और जल्द ही माँ पार्वती और भोलेशंकर का विवाह भी धूम धाम से हो गया। लेकिन एक दिन त्रिकालदर्शी भगवान शिव ने माँ पार्वती का मजाक उड़ाते हुए उन्हें काली कह दिया और कहा कि तुम अपने इस काले रंग की वजह से मेरे कर्पूर जैसे गोरे शरीर के पास आने लायक नहीं हो। इस बात से शिव पार्वती का झगड़ा हो गया।

सबसे बड़ा धनुर्धर कौन था

सबसे बड़ा धनुर्धर कौन था यह बता पाना बहुत गंभीर है,सनातन धर्म में धनुर्धरों का एक अपना अलग ही इतिहास रहा है। एक बाण मात्र से सृष्टि का विनाश कर देने वाले अनेक धनुर्धर इस पृथ्वी पर हुए हैं और उनमें से किसी को श्रेष्ठ कह पाना बड़ा मुश्किल है लेकिन उनकी युद्ध कुशलता के अनुसार उनको इस तरह से बांटा गया है।

हनुमान ने जलाई लंका

हनुमान ने जलाई लंका दरअसल महाबली हनुमान ने माता सीता की खोज में लंका पहुंचकर सम्पूर्ण लंका को जलाकर भस्म कर दिया लेकिन लंका में हनुमान जी ने दो स्थानों को नहीं जलाया, पहला था जहां माता सीता को रखा गया था अशोक वाटिका और दूसरा था जहां रावण के भाई विभीषण का महल था।

आपके आस पास भूत का पता कैसे लगाएं

आपके आस पास भूत का पता कैसे लगाएं दरअसल भूत के होने का दावा कुछ लोग करते हैं लेकिन कुछ लोग इस बात पर भी अटल हैं कि भूत नहीं होते हैं लेकिन वैज्ञानिकों की इस थ्योरी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्या आपके आस-पास भूत है और अगर भूत है तो दिखाई क्यों नहीं देता ।

भगवान विष्णु का वैज्ञानिक महत्व

भगवान विष्णु का वैज्ञानिक महत्व इस तरह है कि भगवान विष्णु के अवतारों का मुख्य उद्देश्य न केवल धर्म की स्थापना था बल्कि सृष्टि को वैज्ञानिकता का पाठ पढ़ाने का भी था। विज्ञान के अनुसार सृष्टि के प्रथम जीव का जनन जल से हुआ वहीं भगवान विष्णु का प्रथम अवतार मत्स्य अवतार भी जल में ही हुआ। वैज्ञानिकता के सभी स्रोतों को सनातन ग्रंथों से खंगाला जा सकता है।

कुलदेवता की पहचान

कुलदेवता की पहचान के लिए सनातन धर्म की परंपराओं के अनुसार 11 मंगलवार का एक विशेष व्रत है जिसे करने से स्वयं आपके कुलदेवता या कुलदेवी आपको दर्शन दे सकते हैं और इसके बाद आप उनसे कोई भी वरदान प्राप्त कर सकते हैं

महाभारत के नायक भगवान शिव

व्यास जी बताते हैं कि महाभारत के नायक भगवान शिव दरअसल कौरवों और पाण्डवों के युदध में महादेव ने ही समस्त कौरव सेना का संहार किया था। भगवान शिव को संहार का देवता माना जाता है और महाभारत के युद्ध में करोड़ों लोगों का संहार महाकाल ने ही किया था।

कुत्ता पालना शुभ या अशुभ

कुत्ता पालना शुभ या अशुभ यह तो अलग संकेत है पर कुत्ते को हिन्दू धर्म में यम का दूत कहा गया है और हिन्दू देवता भैरव महाराज का सेवक माना जाता है। कुत्ते को भोजन देने से भैरव महाराज प्रसन्न होते हैं और हर तरह के संकटों से वे भक्त की रक्षा करते हैं।

कीर्तिमुख की कहानी

आप तो जानते ही हैं कि भगवान शिव की सेना में भूत, पिशाच, राक्षस, यक्ष और गण रहते हैं। भोलेनाथ के गण कीर्तिमुख की कहानी इस तरह है कि अगर इस शिव गण कीर्तिमुख को आप अपने घर में रखते हैं तो आप और आपके परिवार में किसी को भी किसी कि नजर नहीं लगेगी। भगवान शिव का यह भयानक गण घर में रहकर बुरी नजर से बचाता है।

5000 साल के जिंदा योगी

5000 साल के जिंदा योगी महावतार बाबा ने भविष्यवाणी की थी कि भगवान को पाने के लिए केवल पूजा पाठ ही नहीं करना है बल्कि क्रियायोग करके भी ईश्वर की अनुभूति की जा सकती है। इस क्रिया योग से भगवान और मनुष्य में एक अंतर्संबंध बनेगा।

ऐसे लोग जिनको जन्म के बाद ही त्याग दिया

महाभारत में हमने देखा था कि माता कुंती ने अपने पुत्र कर्ण को जन्म लेते ही नदी में प्रवाहित कर दिया था लेकिन क्या अकेला कर्ण ही ऐसा था जिसको माता के द्वारा त्याग दिया गया था सनातन धर्म में अनेक ऐसी घटनाएं हुई हैं जब बच्चा पैदा होने पर उसका त्याग कर दिया गया था

माता सीता और भगवान श्रीराम की आयु

श्रीराम कथा पर आधारित वाल्मीकिरामायण और रामचरितमानस से कुछ तथ्यों को निकालकर माता सीता और भगवान श्रीराम की आयु का निर्धारण किया गया है श्रीराम की आयु 15 वर्ष और 6 वर्ष माता सीता की बताई गई है।

पाताल लोक का रहस्य

पृथ्वी के नीचे पाताल लोक है और पाताल लोक का रहस्य भी अलबेला है यह पाताल लोक भी एक के नीचे एक 7 लोकों में बंटा हैं जिसके अपने अलग-अलग निवासी हैं और इनके अलग-अलग राजा भी हैं इन 7 पातालों की दुनिया बेहद रहस्यमयी है

भगवान शिव ने शरभ अवतार

भगवान शिव ने शरभ अवतार लेकर क्रोध से भरे नरसिंह भगवान विष्णु से संसार की रक्षा की थी तबसे भगवान शिव को सरभेश्वर भी कहा जाता है।

महाकाली साधना के लाभ

महाकाली साधना के लाभ अनेक प्रकार से हैं माँ काली की तंत्र साधना करने से हर मनोकामना पूर्ण होती है। सारे शत्रुओं का नाश हो जाता है।

सनातन धर्म के अनसुने रहस्य

द कर्मापथ आपको सनातन धर्म के अनसुने रहस्यों के बारे में बताता है और वैदिक परंपराओं तथा उनके तथ्यों को सामान्य नागरिक तक पहुंचाने का प्रयास करता है। पौराणिक प्रसंगों की मौलिक एवं सामाजिक सत्यता को प्रदर्शित करना ही द कर्मापथ का मुख्य उद्देश्य है।